PM Kisan Mann Dhan scheme

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             PM Kisan Mann Dhan scheme

PM Kisan Mann Dhan scheme प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधान मंत्री किसान मानधन योजना का शुभारंभ झारखंड के रांची में किया गया। यह एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जो भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के साथ साझेदारी में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग और किसान कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जाती है। इसमें किसानों को पेंशन देन का इंतजाम किया है. पीएम किसान मानधन योजना के तहत 18 से 40 की उम्र के बीच का कोई भी किसान भाग ले सकता है. उसे 60 की उम्र तक आंशिक रूप से योगदान करना होता है. यह योगदान 55 रुपये महीने से 200 रुपये महीने के बीच है. इस योगददान पर 60 की उम्र के बाद किसानों को योजना के तहत 3 हजार रुपये महीना या 36 हजार रुपये सालाना पेंशन मिलेगी. अबतक इस स्कीम से करीब 20 लाख किसान जुड़ चुके हैं. जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं. इस पेंशन कोष का प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) कर रहा है.

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LIC, प्रधानमंत्री किसान धन-धन योजना के लिए पेंशन फंड मैनेजर है जो रु। की अनुमानित मासिक पेंशन प्रदान करता है। 60 वर्ष की आयु के बाद सभी किसानों को 3000 / -। यह योजना भारत में लगभग 3 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों के जीवन को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

प्रधानमंत्री किसान-धन योजना के बारे में मुख्य बातें नीचे दी गई तालिका में दी गई हैं:

योजना का नामPM-KMY
पूरा नामPradhan Mantri Kisan Maan-Dhan Yojana
लॉन्च की तारीख12th September 2019
संचालक मंडलMinistry of Agriculture & Farmers’ Welfare

 

 विस्तृत जानकारी के लिए लिंक पर जाएं :   https://pmkmy.gov.in/

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How can you take advantage of the scheme (कैसे ले सकते हैं योजना का लाभ)

किसान पेंशन योजना में 18 से 40 वर्ष तक की आयु वाला कोई भी छोटी जोत वाला और सीमांत किसानों के लिए हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर तक ही खेती की जमीन है. इन्हें योजना के तहत कम से कम 20 साल और अधिकतम 40 साल तक 55 रुपये से 200 रुपये तक मासिक अंशदान करना होगा, जो उनकी उम्र पर निर्भर है. अगर 18 साल की उम्र में जुड़ते हैं तो मासिक अंशदान 55 रुपये या सालाना 660 रुपये होगा. वहीं अबर 40 की उम्र में जुड़ते हैं तो 200 रुपये महीना या 2400 रुपये सालाना योगदान करना होगा.

Government will also contribute equally (सरकार भी बराबर ही करेगी अंशदान)

पीएम किसान मानधन में जितना योगदान किसान का होगा, उसी के बराबर योगदान सरकार भी पीएम किसान अकाउंट में करेगी. यानी अगर आपका योगदान 55 रुपये है तो सरकार भी 55 रुपये का योगदान करेगी.

Annual pension of Rs 36000 (36000 रु सालाना पेंशन)

पीएम किसान मानधन के तहत 60 की उम्र पूरी होने के बाद खाताधारक को 3000 रुपये मंथली पेंशन मिलेगी. जो सालाना 36 हजार रुपये हुई. यह योजना निश्चित ही उन किसानों के लिए कारगर साबित हो सकती है, जो सिर्फ और सिर्फ खेती-बाड़ी के भरोसे हैं. खासतौर से गरीब किसानों को जिनके पास आजीविका का कोई और साधन नहीं है. इसके पहले मोदी सरकार ने पिछले कार्यकाल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी. इस योजना के तहत देश के हर एक किसान को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है.

If left in the middle (अगर बीच में छोड़ी स्कीम)

अगर कोई किसान बीच में स्कीम छोड़ना चाहता है तो उसका पैसा नहीं डूबेगा. उसके स्कीम छोड़ने तक जो पैसे जमा किए होंगे उस पर बैंकों के सेविंग अकाउंट के बराबर का ब्याज मिलेगा.अगर पॉलिसी होल्डर किसान की मौत हो गई, तो उसकी पत्नी को 50 फीसदी रकम मिलती रहेगी. LIC किसानों के पेंशन फंड को मैनेज करेगा.

How to register (कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन)

                                Click to register

पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड और खसरा-खतौनी की नकल ले जानी होगी. रजिस्ट्रेशन के लिए 2 फोटो और बैंक की पासबुक की भी जरूरत होगी. रजिस्ट्रेशन के लिए किसान को अलग से कोई भी फीस नहीं देनी होगी. रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान का किसान पेंशन यूनिक नंबर और पेंशन कार्ड बनाया जाएगा.

These farmers will not get benefit (इन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ)

नेशनल पेंशन स्कीम, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) स्कीम, कर्मचारी भविष्य निधि स्कीम (EPFO) जैसी किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा स्कीम के दायरे में शामिल लघु और सीमांत किसान. वे किसान जिन्होंने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय दवारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के लिए विकल्प चुना है. वे किसान जिन्होंने श्रम और रोजगार मंत्रालय दवारा संचालित प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना के लिए विकल्प चुना है.

PM-KMY Scheme in India (भारत में PM-KMY योजना):

भारत में PM-KMY योजना 18 से 40 वर्ष की आयु के किसानों के लिए एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) द्वारा प्रबंधित पेंशन फंड के तहत पंजीकरण करके लाभार्थी PM-KMY योजना का सदस्य बन सकता है। इस प्रकार सदस्यों को केंद्र सरकार द्वारा समान योगदान के प्रावधान के साथ उनकी आयु के आधार पर रु .5 / – से रु। 200 / – के बीच पेंशन निधि में मासिक योगदान करने की आवश्यकता होती है। 14 नवंबर 2019 की रिपोर्टों के अनुसार, भारत में कुल 18,29,469 किसानों को इस योजना के तहत पंजीकृत किया गया है। यह योजना सभी छोटे और सीमांत किसानों के लिए लागू है। इस योजना के तहत उनके और केंद्र सरकार द्वारा किए जाने वाले योगदान का अनुपात 1: 1 है। पीएम-केएमवाई योजना के तहत सरकारी योगदान किसान द्वारा किए गए मासिक योगदान के बराबर है।

Who are eligible for the PM-KMY Scheme?( पीएम-केएमवाई योजना के लिए कौन पात्र हैं?):

सभी छोटे और सीमांत किसान (SMF) भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित हैं और जिनकी आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच है, वे प्रधान मंत्री किसान-धन योजना के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं और इस योजना का लाभ उठा सकते हैं ।

बहिष्करण मानदंडों के दायरे में आने वाले किसान लाभ के पात्र नहीं हैं।

हालांकि, नीचे दिए गए मानदंडों के तहत आने वाले किसान योजना के लिए पात्र नहीं हैं:

  • छोटे और सीमांत किसान जो पहले से ही अन्य योजनाओं जैसे राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस), कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना, कर्मचारी निधि संगठन योजना आदि के तहत पंजीकृत हैं, पीएम-केएमवाई योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।
  • श्रम और रोजगार मंत्रालय के साथ-साथ प्रधान मंत्री श्रम योगी धन धन योजना (पीएमएसवाईएम) के लिए चुने गए किसानों के साथ-साथ श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत प्रधानमंत्री लगु व्यपारी मान-धन योजना (पीएम-एलवीएम) भी नहीं हैं। इस योजना के लिए पात्र हैं।

Benefits of PM-KMY Scheme (पीएम-केएमवाई योजना के लाभ):

  • लाभार्थी के साथ, पति / पत्नी भी इस योजना के लिए पात्र हैं और निधि में अलग-अलग योगदान देकर रु। 3000 / – की अलग से पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।
  • यदि सेवानिवृत्ति की तारीख से पहले लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो जीवनसाथी शेष योगदान का भुगतान करके इस योजना को जारी रख सकता है। लेकिन यदि पति या पत्नी को जारी रखने की इच्छा नहीं है, तो, किसान द्वारा ब्याज के साथ किए गए कुल योगदान का भुगतान जीवनसाथी को किया जाएगा।
  • यदि कोई पति या पत्नी नहीं है, तो ब्याज के साथ कुल योगदान को नामित व्यक्ति को भुगतान किया जाएगा।
  • यदि किसान सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद मर जाता है, तो पति या पत्नी को परिवार पेंशन के रूप में पेंशन का 50% प्राप्त होगा। किसान और पति या पत्नी दोनों की मृत्यु के बाद, संचित कोष पेंशन कोष में वापस जमा किया जाएगा।

How can you take advantage of the scheme (कैसे ले सकते हैं योजना का लाभ)

किसान पेंशन योजना में 18 से 40 वर्ष तक की आयु वाला कोई भी छोटी जोत वाला और सीमांत किसानों के लिए हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर तक ही खेती की जमीन है. इन्हें योजना के तहत कम से कम 20 साल और अधिकतम 40 साल तक 55 रुपये से 200 रुपये तक मासिक अंशदान करना होगा, जो उनकी उम्र पर निर्भर है. अगर 18 साल की उम्र में जुड़ते हैं तो मासिक अंशदान 55 रुपये या सालाना 660 रुपये होगा. वहीं अबर 40 की उम्र में जुड़ते हैं तो 200 रुपये महीना या 2400 रुपये सालाना योगदान करना होगा.

Government will also contribute equally (सरकार भी बराबर ही करेगी अंशदान )

पीएम किसान मानधन में जितना योगदान किसान का होगा, उसी के बराबर योगदान सरकार भी पीएम किसान अकाउंट में करेगी. यानी अगर आपका योगदान 55 रुपये है तो सरकार भी 55 रुपये का योगदान करेगी.

Annual pension of Rs 36000 (36000 रु सालाना पेंशन)

पीएम किसान मानधन के तहत 60 की उम्र पूरी होने के बाद खाताधारक को 3000 रुपये मंथली पेंशन मिलेगी. जो सालाना 36 हजार रुपये हुई. यह योजना निश्चित ही उन किसानों के लिए कारगर साबित हो सकती है, जो सिर्फ और सिर्फ खेती-बाड़ी के भरोसे हैं. खासतौर से गरीब किसानों को जिनके पास आजीविका का कोई और साधन नहीं है. इसके पहले मोदी सरकार ने पिछले कार्यकाल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी. इस योजना के तहत देश के हर एक किसान को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है.

If left in the middle (अगर बीच में छोड़ी स्कीम)

अगर कोई किसान बीच में स्कीम छोड़ना चाहता है तो उसका पैसा नहीं डूबेगा. उसके स्कीम छोड़ने तक जो पैसे जमा किए होंगे उस पर बैंकों के सेविंग अकाउंट के बराबर का ब्याज मिलेगा.अगर पॉलिसी होल्डर किसान की मौत हो गई, तो उसकी पत्नी को 50 फीसदी रकम मिलती रहेगी. LIC किसानों के पेंशन फंड को मैनेज करेगा.

How to register  (कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन)

पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड और खसरा-खतौनी की नकल ले जानी होगी. रजिस्ट्रेशन के लिए 2 फोटो और बैंक की पासबुक की भी जरूरत होगी. रजिस्ट्रेशन के लिए किसान को अलग से कोई भी फीस नहीं देनी होगी. रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान का किसान पेंशन यूनिक नंबर और पेंशन कार्ड बनाया जाएगा.

These farmers will not get benefit (इन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ)

नेशनल पेंशन स्कीम, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) स्कीम, कर्मचारी भविष्य निधि स्कीम (EPFO) जैसी किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा स्कीम के दायरे में शामिल लघु और सीमांत किसान. वे किसान जिन्होंने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय दवारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के लिए विकल्प चुना है. वे किसान जिन्होंने श्रम और रोजगार मंत्रालय दवारा संचालित प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना के लिए विकल्प चुना है.

 

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